01-उत्तम क्षमा धर्म – नाटक!

लेखिका—प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चन्दनामती माताजी क्रोध आत्मा की वैभाविक परिणति है और क्षमा आत्मा का स्वाभाविक गुण है। यह सभी जानते हैं कि क्रोध कषाय का त्याग करने से ही क्षमा गुण प्रकट होता है। क्रोध कषाय में प्राणी अधिक देर नहीं रह सकता, जबकि क्षमा के साथ दीर्घकाल तक शान्तिपूर्वक…

खारवेल-का-हाथीगुंफा-अभिलेख

खारवेल-का-हाथीगुंफा-अभिलेख

हाथीगुम्फा एक अकृत्रिम वृहद् गुफा है, जिसमें चेदिवंशीय महाराज खारवेल का प्रसिद्ध शिलालेख है। इस लेख में महाराज के राजकीय जीवन—संबंधी वर्ष प्रतिवर्ष की मुख्य—मुख्य घटनाएं उल्लेखित हैं। इसका आरंभ अरहंतों और सिद्धों को जैन पद्धति के अनुरूप नमस्कार करते हुए होता है। इस शिलालेख से यह निषकर्ष निकलता है…